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 बात की जाए इसे समझने के लिए हमें व्यक्ति के स्वभाव और मन को समझना पड़ेगा:-
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नमस्कार दोस्तों मैं आपका दोस्त astro vastu sarvesh:-

आज हम Anxiety एंजाइटी मनोविकार (Mental disorder) 

          आज हम Anxiety एंजाइटी मनोविकार (Mental disorder) की बात करेंगे। मित्रों जन्म के समय में बने जन्मांग चक्र से और भवन में कुछ एनर्जी के डिस्टर्ब होने से Anxiety एंजाइटी की एक बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है जिससे पार पाना कभी कभी उस व्यक्ति को असंभव सा लगता है। हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा दिया गया ज्ञान इस ओर संकेत देता है कि, एक व्यक्ति यदि Anxiety का पेशेंट है तो उसके वेग का वर्णन उसकी जन्मपत्री में बखूबी दिखाई देता है, यदि उसका वेग तीव्र है तो उसे रत्नों के माध्यम से मंत्रों के माध्यम से या प्राणायाम और मेडिटेशन के माध्यम से एक ज्योतिषी बड़ी ही आसानी से उसको एंजाइटी के समस्या से निजात दिला सकता है यदि वास्तव में कहीं कोई गड़बड़ है तो उसे भी ठीक करके उस व्यक्ति को समस्या से दूर रखा जा सकता है। ऐसी समस्याओं के लिए हम ज्योतिष और वास्तु का सहारा ले सकते हैं। तो आइए मित्रो हम बात करते हैं Anxiety की और डिटेल में समझते हैं इसके बारे में

Chinta se mukti 

          यदि anxiety symptoms hindi | anxiety in hindi | anxiety disorder in hindi | Mental disorder | Chinta se mukti की बात की जाए इसे समझने के लिए हमें व्यक्ति के स्वभाव और मन को समझना पड़ेगा एंजायटी कुछ हद तक डिप्रेशन के जैसा ही देखने में लगता है किंतु दोनों में कुछ बारीक अंतर है इनके कारणों को ढूंढा जाए तो लगभग 200 से अधिक कारण मिलते हैं ऐसी बीमारियों के। यह बीमारियां साइक्लोजिकल डिसऑर्डर के कारण उत्पन्न होती हैं। यदि व्यक्ति के अंदर नेगेटिव थिंकिंग आ जाए तो ऐसी बीमारियों का उदय होता है। अधिक दुखी होना, शक हो जाना, वहम हो जाना, अत्यधिक परेशान रहना, किसी कार्य को करने की कोशिश करना और उस कार्य को ना कर पाना, इस बीमारी का मुख्य कारण बनता है। यदि ऐसी असफलता एक बार आए तो व्यक्ति उस से निकल सकता है, किंतु अनेकों बार ऐसी असफलताओं को देखने के बाद व्यक्ति के ना चाहते हुए भी उसकी नेगेटिव थिंकिंग बढ़ने लगती है और उसे छोटे-छोटे कार्यों में भी डर लगने लगता है और यही डर एक समय उस पर हावी हो जाता है। ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति एंजाइटी  का शिकार हो जाता है।

जीवन में लगभग हर व्यक्ति anxiety disorder से रूबरू जरूर होता है

           जीवन में लगभग हर व्यक्ति anxiety disorder in hindi | Mental disorder | Chinta  की समस्या से रूबरू जरूर होता है, कभी अपनी पढ़ाई के विषय में, कभी अपने काम के विषय में, कभी शादी विवाह के विषय में, कभी बच्चों के विषय में, तो कभी अपनी बीमारी के विषय में, किंतु यदि दो-चार दिनों  में एंजाइटी से निकल जाता है तो, उसे Anxiety की बीमारी नहीं कहेंगे। किंतु उसकी थॉट्स में हर समय  ऐसे ही ख्याल बार-बार हर समय आने लगे, उसके ना चाहने पर भी ऐसे ख्यालों से वह घिरा हो तो व्यक्ति एंजाइटी की समस्या से ग्रसित जा होता है और इसे ही एंजाइटी का पेशेंट कहते हैं। धीरे-धीरे उसके कार्य करने की इच्छा शक्ति कम होने लगती है और जैसे-जैसे कार्य से दूर होता है वैसे वैसे इन समस्या से और ज्यादा ग्रसित होने लगता है। दुनिया भर के 15 से 20 पर सेंट लोग ऐसे मिल जाएंगे आपको। इनमें से पुरुष की अपेक्षा महिलाओं को यह बीमारी अधिक होती है। इस बीमारी में भी अन्य बीमारियों की तरह असफलता, पुरानी कोई, समस्या को बार-बार याद करना, किसी कार्य में निर्णय न ले पाना या कन्फ्यूजन की स्थिति बने रहना, इस तरह के बहुत से कारण हैं जो होते बड़े छोटे हैं, किंतु उनकी चोट बहुत गहरी होती है।

 कई कैटेगरी में

             डॉक्टरों ने इस बीमारी को कई कैटेगरी में बांट रखा है- जिनमें पहली है पैनिक डिसऑर्डर इसमें कहीं पर भी कभी भी अटैक आ जाता है जिसमें व्यक्ति को लगता है कि उसकी सांसे रुक रही है या फिर सांस फूल रही है और शरीर में समा नही रही है, और थोड़े समय के लिए ऐसा महसूस करता है व्यक्ति, कि उसको हार्ट अटैक आने वाला है और अब नहीं बचेगा, शरीर से पसीना निकलने लगता है और उसको कुछ समझ नहीं आता है कि हो क्या रहा है, कुछ समय के बाद या कुछ घंटों के बाद अटैक चला जाता है और वह आदमी नॉर्मल हो जाता है। ऐसे पैनिक अटैक उनको पहले महीनों में आते हैं फिर धीरे-धीरे यदि ध्यान न दिया जाए तो हफ्तों में भी आने लगते हैं।
         दूसरी कैटेगरी सोशल डिसऑर्डर जिसमें व्यक्ति पब्लिक के सामने जाने में या पब्लिक के बीच जाने में डरता है। बात करने से डरता है और ऐसा महसूस करता है कि लोग उसकी हंसी उड़ाते हैं।
         तीसरी कैटेगरी में आते हैं जिनमें किसी विशेष वस्तु से उनको विशेष समस्याएं होती हैं। ऐसे लोगों को डॉक्टरों ने स्पेसिफिक फोबिया के नाम से संबोधित किया है। उदाहरण के तौर पर जैसे किसी को ट्रेन या बस से सफर करना है तो वह व्यक्ति वैसे तो एकदम नॉर्मल रहेगा किंतु जैसे ही बस या ट्रेन का टिकट उसके पास आएगा उसको समस्या शुरू हो जाएगी और उसे ऐसा लगेगा कि अब वह सफर तो शुरू कर देगा किंतु सफर खत्म होने में वह शायद बच ना पाए। घबराहट, उलझन, सांसों का फूलना, उसका शुरू हो जाएगा। ऐसे ही कुछ लोग छिपकली, कॉकरोच या किसी विशेष चीजों से ऐसी उलझन में पड़ जाते हैं।
            चौथी कैटेगरी है जनरलाइज्ड एंजायटी डिसऑर्डर यह वह लोग होते हैं जो होते जनरल हैं किंतु इनका लेवल जो है बहुत हाई लेवल होता है नेगेटिव थिंकिंग का, ऐसे व्यक्तियों  को समझाना बड़ा मुश्किल हो जाता है।
            लास्ट कैटेगरी सैपरेशन कैटेगरी होती है। जहां पर व्यक्ति फैमिली मेंबर से अलग होना, शादी विवाह का टूटना, बच्चों से दूर होना, मां बाप से दूर होना, ऐसी समस्याओं को जरूरत से ज्यादा नेगेटिविटी की तरफ सोचने से सैपरेशन एंग्जायटी की समस्या से पीड़ित हो जाते हैं।

anxiety disorder, Mental disorder, Chinta कारण

           नगेटिव अप्रोच, बैड मेमोरीज, फैलियर्स, रिजेक्शन, कन्फ्यूजन, लैक आफ कॉन्फिडेंस, एक्सेसिव फीलिंग, ओवरथिंकिंग, ऐसे कई कारण है।

 घरेलू नुस्खे

        इन Anxiety पर्सन को कॉफी चाय कोल्ड ड्रिंक ऐसी चीजों से दूर रहना चाहिए, चीनी से बनी कैंडी, चीनी, चॉकलेट,  टॉफिया, इन सब चीजों से दूर रहना चाहिए।
 रेगुलर एक्सरसाइज करना चाहिए, प्राणायाम करना चाहिए, मेडिटेशन करना चाहिए, टाइम पर सोना चाहिए, ऐसे लोगों को अपने ऊपर काम का बोझ बहुत ज्यादा नहीं लेना चाहिए, अन्यथा उन्हें लगने लगता है कि, कहीं काम गलत ना हो जाए, खराब ना हो जाए, और इसी नेगेटिव थिंकिंग से उनकी समस्या और बढ़ने लगती है।
 इस बीमारी के सिम्टम्स जो हमें सबसे पहले दिखते हैं-
 आराम में कमी महसूस होना, बेचैनी होना,  हेडेक, हार्ट बीट तेज होना, नर्वसनेस फील करना, पसीना छूटना, सांस फूलना, डाइजेस्टिव सिस्टम खराब होना, हिचकी आना, नींद नहीं आना, हार्टबीट का घटना बढ़ना, घबराहट होना आदि इसके मुख्य  सिम्टम्स है।
       यह बीमारी किसी भी उम्र में आ सकती है, और उसका कंसंट्रेशन खराब होने लगता है। किसी भी काम में उसका मन नहीं लगता है। एक काम को करेगा दूसरे काम के बारे में सोचने लगेगा और कोई जिम्मेदारी लेने से बचता है। ऐसे लोगों की धीरे-धीरे मैरिड लाइफ भी डिस्टर्ब होने लगती है, क्योंकि हर समय नेगेटिव थॉट्स रखना नेगेटिव बातें करना ऐसे में पार्टनर को समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं, और मैरिज लाइफ डिस्टर्ब होने लगती है। ऐसे  लोगों की कमाई से ही यदि घर चलता हो तो उनकी फाइनेंसियल कंडीशन भी गड़बड़ होने लगेगी, क्योंकि नेगेटिव थॉट्स के साथ उसकी कमाई अच्छी नहीं हो सकती यह एक मेंटल प्रॉब्लम है, साइक्लोजिकल प्रॉब्लम है, और यह एक नेचुरल प्रॉब्लम भी है। 
         दोस्त उम्मीद करता हूं Anxiety को लेकर के जो बातें मैं आपको समझाना चाहता था उसे आपने भली-भांति समझ लिया है। ज्योतिष और वास्तु ऐसी जटिल चीजों पर अपना अच्छा प्रभाव देती है, जहां दवाएं बेअसर हो जाती हैं। ऐसे में यदि एस्ट्रोलॉजी और वास्तु का सहारा ले करके आप अपनी समस्याओं को दूर करना चाहे तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। यदि आपको मेरी  बातें ठीक लगी हो सही लगती हो तो कृपया मैसेज बॉक्स में एक छोटा सा मैसेज मेरे लिए जरूर टाइप करें और यदि कोई सुझाव देना चाहें तो भी अवश्य अपने सुझाव दें, इसी के साथ दोस्तों अब मैं अपनी बात को यहीं समाप्त करता हूं। उम्मीद करता हूं कि आप सब को मेरी बातों से थोड़ी बहुत जानकारी अवश्य मिली होगी। 
 Contact  

                                                         धन्यवाद  
                                                  दोस्तों मैं आपका  दोस्त
                                                  एस्ट्रोलॉजर वास्तु शास्त्री

saral upay 11 points


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Sarvesh Astrologer Vastushastri

Astro Vastu Sarvesh (AVS) का उद्देश्य लगो की जनम कुंडली से निकलने वाली ऊर्जा और उस व्यक्ति के मकान से निकलने वाली ऊर्जा के बीच तालमेल बैठाना ही है, ताकि वो व्यक्ति मकान के बजाय "सुख और समृद्ध घर" मे रहे। इंसान के सोच से कर्म का निर्माण होता है, और कर्म से ही भाग्य का निर्माण होता है, AVS आपके कर्म को जागृत करते है और आप अपने भाग्य को।

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5 comments:

  1. Its occurrence is disturbing and debilitating. Its persistence is crippling. As long as daily living is characterized by struggle, strife, and suffering, the anxiety-experience is an inevitability.Royal CBD

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  2. Even though we suffer from anxiety, life still goes on. We need to learn how to control anxiety so that we may continue to live and prosper. Most people that click to find out more suffer from anxiety live normal lives. They have families, they work, they love, they raise children, they take vacations and they look just like everyone else.

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  3. Like post-fix measure, the garments are then squeezed and restored. The cycle is increasingly more applied to both menswear and womenswear with the market moving towards washed-down appearances and gentler handles. Myriam’s Hope

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  4. The causative factors and the psycho-dynamics underlying the anxiety need to be discovered and investigated, which may require detailed discussion and analysis of childhood experiences and domestic training. How Hempa and CBD Gummies work?

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  5. A ton of our anxiety can be sound and regular. In any case, when it begins meddling with how we need to carry on with our carries on with, at that point it can turn into an issue that we have to manage. what is cbd tincture

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