AVS

Astrologer,Numerologer,Vastushastri

upay-totka-nuskhe


upay-totka-nuskhe


दोस्तों आज हम बात करते हैं सबसे पहले उपायों की उपयोगिता के बारे में


उपाय का इतिहस-history of upay-totka-nuskhe 

                                                                                                     उपाय का सिद्धांत

सर्वप्रथम ब्रह्मांड बना, ब्रह्मांड से सोलर सिस्टम(Solar system) बना, ग्रह बने, तारे बने, उनमें से पृथ्वी भी एक ग्रह के रूप में अपने अस्तित्व में आया, पृथ्वी पर पर्यावरण बना, पृथ्वी का अपना वातावरण बना, जीव जंतुओं का वनस्पतियों का विकास हुआ, फिर मनुष्य का अस्तित्व सामने आया, मनुष्य ने समाज बनाया, तरक्की की ज्ञान अर्जित किया और निरंतर ज्ञान की दिशा में वह आज भी अग्रसर ही है। ऐसे में मनुष्य ने कई प्रकार के चुंबकीय बल, कई प्रकार की energy को खोजा और इनका भली प्रकार से उपयोग भी किया। तभी से उसके साथ समस्याओं दुखो कष्टों का अटूट संबंध बना है। समय के साथ साथ समस्याओं दुखों व कष्टों का स्वरूप बदलता रहा मनुष्य ने अपना सामाजिक जीवन जीना प्रारंभ किया और इन दुखो कष्टों से मुक्ति पाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहा और पूर्व से लेकर आज तक मुक्ति पाने का कोई न कोई तरीका मनुष्य खोज ही लेता है। पूर्व में जब उसे हर बात की बारीकी का ज्ञान नहीं था तब कष्टों को व ईश्वर के देन समझकर भोगता था या फिर किसी बुरी आत्माओं का प्रकोप समझकर परेशान रहता था।

उपाय और टोटकों(upay-totke) में क्या अंतर है, टोने क्या होते हैं


किंतु धीरे-धीरे जैसे जैसे समाज का विकास और मनुष्य का ज्ञान बढ़ता गया वैसे-वैसे मनुष्य ने इन छोटी-बड़ी सभी समस्याओं के लिए कुछ टोटकों  को अपनाना शुरू किया और बड़े आश्चर्य की बात थी उस समय की व्यक्तियों ने इन छोटे-छोटे टोटकों से बहुत अधिक लाभ भी लिया, इसलिए इन टोटकों के प्रति उसकी श्रद्धा बढ़ती गई और उसके वंशज आगे आते गए। उनको प्रयोग किए हुए टोटकों के बारे में उनके पूर्वजों से जानकारी प्राप्त हुई और निरंतर विकास की प्रक्रिया में टोटकों का भी एक अहम रोल अस्तित्व में दिखने लगा। आज जबकि समय काफी आगे बढ़ गया है, व्यक्ति को सोच-विचार में दिन रात का अंतर आ गया है। इसके बावजूद भी किसी को परेशान करने के लिए टोने और किसी को परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिए टोटके का इस्तेमाल किया जाता है। टोटकों totke को आज हम upay उपाय के नाम से जानते हैं और टोने को तंत्र क्रिया के नाम से जाना जाता है।

उपाय कार्य कैसे करते हैं


 upay-totke - इनके अलावा व्यक्ति की अपनी कुछ मनोकामना होती है जिसकी पूर्ति के लिए भी टोटके यानी उपाय का इस्तेमाल होता आया है। एक  छात्र अच्छे नंबरों से पास हो जाए इस कामना के साथ वह किसी ज्योतिषी के पास जाता है, वहां उसे इस बारे में बताया जाता है, कि आमुख देवता अथवा देवी के मंदिर में जाकर कुछ दिनों तक दीपक जलाएं अथवा अपनी इच्छा पूर्ण होने की याचना करें। निश्चित ही इसे प्रार्थना कहेंगे किंतु उपायों की श्रेणी में यह प्रार्थना भी शामिल है। किसी भी प्रायोजन के लिए निश्चित दिनों  तक कुछ निश्चित पूजा अर्चना या दान किया जाना ही उपाय कहलाता है।

उपाय का मुख्य कार्य                                            उपाय का सिद्धांत


उपाय का मुख्य कार्य व्यक्ति के उन कर्मों को काटना है जिन्हें पूर्व में कभी उसने भोगने से मना कर दिया होगा और ज्योतिष के माध्यम से आज उसे वही उपाय करने पड़ रहे हैं।  जैसे कभी शबरी के बैर लक्ष्मण जी ने ना खा कर के उसे उस पर्वत पर फेंक दिया जिसकी आवश्यकता उनको तव पढ़ी जब उनको  लंका में युद्ध के दौरान शक्ति बाण लगा था शबरी ने बैर  श्री राम और लक्ष्मण जी के लिए एकत्र किए थे और शबरी को प्रतीक्षा थी, कि यह बैर श्री राम और लक्ष्मण जी ही खाएं। शबरी की इच्छा पूर्ण हुई जब लक्ष्मण जी को शक्ति बाण लगा उसी बैर से निकले वृक्ष से वैद्य ने औषधि बनाई और लक्ष्मण जी को दिया जिससे उनके प्राणों की रक्षा हुई।
            कहने का मतलब यह कि किसी कर्म को ना करके या उसे टाल करके व्यक्ति उन कर्मों से मुक्त नहीं हो सकता। एक सफल ज्योतिषी इन्हीं बातों  का विश्लेषण करके उसके कर्मों के आधार पर ही उसे उपाय सुझाते हैं। निश्चित तौर पर ईश्वर व्यक्ति के कर्मों का इस प्रकार से लेखा-जोखा तय करते हैं जिससे एक समृद्ध और सशक्त समाज की रचना की जा सके, किंतु जो व्यक्ति अपने कर्मों को नहीं करते हैं ईश्वर उन्हें वैसी परिस्थितियों में डाल देते हैं ताकि उन्हें मजबूर होकर के या स्वयं विचार करने पर उन कर्मों को करना ही पड़े  ताकि समाज में बैलेंस बना रहे। 
          इस प्रकार की स्थिति व्यक्ति के जीवन में अनेक क्षेत्रों में देखने को मिल जाती है, जैसे कि अच्छी नौकरी पाने के लिए, व्यवसाय की वृद्धि के लिए, संतान सुख प्राप्त के लिए, विदेश यात्रा के लिए, चुनाव जीतने के लिए, मंत्री बन जाने के लिए, व्यक्ति जो कुछ उपाय करता है वह वास्तव में अपने उन कर्मों को करता है जो ईश्वर ने निर्धारित कर रखा है।

क्या उपाय सच मे कार्य करते हैं                                                        उपाय का सिद्धांत

 अनेक विद्वानों का मानना है कि यदि व्यक्ति पूर्ण आस्था एवं श्रद्धा के साथ कोई उपाय करता है तो उसे उसका लाभ अवश्य मिलता है। यदि आस्था, श्रद्धा और विश्वास के साथ करता है तो वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उसका संपूर्ण ध्यान अपने लक्ष्य की ओर हो जाता है जिस प्रकार से श्री अर्जुन को मछली की आंख के अलावा कुछ भी नजर नहीं आ रहा था ठीक उसी प्रकार से व्यक्ति को अपने उद्देश्य की पूर्ति के अलावा कुछ भी नहीं सोचता और श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया कार्य ईश्वर शीघ्र ही पूर्ण कर देता है।

    मित्रों उपायों के बारे में संक्षेप में मैंने बताने की आपको कोशिश की है उम्मीद करता हूं की यह कोशिश मेरी कामयाब होगी और आपको पसंद भी आएगी यदि उपायों से जुड़े आपकी किसी भी प्रकार की कोई और समस्या हो तो आप फोन के माध्यम से या ईमेल के माध्यम से हमसे संपर्क कर सकते हैं और निश्चित ही हम आपकी समस्या को दूर करने का प्रयास करेंगे उम्मीद करता हूं कि मेरी  दी हुई जानकारी से आप पूर्ण रूप से संतुष्ट हैं। यदि आप अपने नजदीक में या अपने जानने वालों को ऐसी जानकारी से अवगत कराना चाहते हैं तो इस पोस्ट को शेयर करिए, लाइक करिए, कमेंट करिए contact
                                                                                                               धन्यवाद           
                                                                                                   दोस्तों मैं आपका  दोस्त                                                                                                                   एस्ट्रोलॉजर वास्तु  शास्त्री
                                                                                                                  सर्वेश



SHARE

Sarvesh Astrologer Vastushastri

Astro Vastu Sarvesh (AVS) का उद्देश्य लगो की जनम कुंडली से निकलने वाली ऊर्जा और उस व्यक्ति के मकान से निकलने वाली ऊर्जा के बीच तालमेल बैठाना ही है, ताकि वो व्यक्ति मकान के बजाय "सुख और समृद्ध घर" मे रहे। इंसान के सोच से कर्म का निर्माण होता है, और कर्म से ही भाग्य का निर्माण होता है, AVS आपके कर्म को जागृत करते है और आप अपने भाग्य को।

  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a Comment