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Vastu for Kitchen-Kitchen vaastu


Vastu for Kitchen 

Kitchen vastu tips and colour in hindi

नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका इस ब्लॉग में। दोस्तों जैसा कि हम सब जानते हैं की किचन अग्नि तत्व को represent करता है, अग्नि तत्व जो हमारी ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है। दोस्तों यदि अग्नि तत्व में किसी प्रकार की कोई भी अस्थिरता य़ा अनियंत्रण हो जाए तो ऐसी स्थिति में हमारी ऊर्जा सीधे तौर पर प्रभावित होती है और वह भी अनियंत्रित हो जाती है या अस्थिर हो जाती है (unbalance of fire), ठीक उसी प्रकार से जैसे कि यदि चूल्हे की आंच कम हो तो खाना पूरा पकेगा नहीं और यदि ज्यादा हो तो खाना जल जाएगा
vastu for kitchen-effect of wrong place
vastu for kitchen

Effect of wrong placing of kitchen

किचन का गलत स्थान पर होने से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, तो दोस्तों इससे हमारी ऊर्जा कम हो जाएगी और जीवन में  उद्देश्य की पूर्ति करने की क्षमता कम हो जाएगी और dulness सी रहेगी, बीमारी रहेगी, घर में झगड़े रहेंगे, इससे आपके शरीर व दिमाग दोनों पर असर पड़ेगा और घर का कमाने वाला व्यक्ति (Key person) frustrated रहने लगेगा। ऐसी स्थिति में यदि हम किसी भी तरीके से किचन की एनर्जी को बैलेंस कर दें; कम हो तो ज्यादा कर दें और ज्यादा हो तो कम कर दें तो उस घर में रहने वाले व्यक्तियों पर उसका असर बैलेंस के साथ positive में पड़ेगा। एक वास्तुशास्त्री का कार्य  यही होता है। अब दोस्तों, बात करते हैं कि किन किन चीजों पर और किन जगहों पर इसका असर देखने को मिलता है।
kitchen vastu-wrong place kitchen
kitchen vastu

List of problem- समस्या

1 स्वास्थ्य पर (Helth problem) Head of the family
2 धन संबंधी समस्या ( Financial Loss) Financial condition, deteriorates, bankruptcy
3 पारिवारिक झगड़े ( Family disputes) Seperation of family members, divorce
 आप कैसे अपने किचन का वास्तु ठीक कर सकते हैं How you can do it
अपने किचन की पोजीशन को चेक करें यदि वह south east  मे हो  तो सर्वोत्तम अन्यथा उसके   नेगेटिव प्रभाव पडेंगे जिसको कि, आप को दूर करना होगा। दूसरी पोजीशन North west  है जो किचन के लिए अच्छा प्लेस है। किंतु दोस्तों यदि किचन North east  मे बना हो तो यह घर के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता यहां पर किचन होने से मेंटल टेंशन, हेल्थ प्रॉब्लम और ऐसे बड़े नुकसान होंगे जिसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।  अब अगर बात करें नॉर्थ वेस्ट डायरेक्शन की यहां शास्त्र किचन की  स्वीकृति देता है किंतु दोस्तों वायु की दिशा  और बैंक सपोर्ट और अट्रैक्शन की दिशा होने से हमें इनका थोड़ा सा ध्यान रखना चाहिए ताकि गैस के चूल्हे की अग्नि से बैंक सपोर्ट फॉर अट्रैक्शन की दिशाएं बरकरार रहे। उत्तर की दिशा जो कि कुबेर की दिशा है,  यहां बने किचन आपके धन के आगमन में बाधा बनते है और आपके पैसों को फिजूल खर्चे में बर्बाद कर देते हैं आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया वाली स्थिति हो जाती है अब यदि पश्चिम की दिशा में किचन बनाते हैं तो घर के मुखिया की भागदौड़ और मेहनत बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। 

What you must avoid   इन कार्यो से बचें                                              

1 पूजा का कमरा या मंदिर किचन के नीचे ना हो।
2 बाथरूम के नीचे किचन ना हो।
बेडरूम के नीचे भी किचन को अच्छा नहीं माना जाता है।
4 किचन में जाने के रास्ते में गैस का चूल्हा भी उचित नहीं होता।
5 किचन  की सेल्फ और चूहा रात को साफ जरूर करें।
6 किचन में काले रंग को नहीं कराना चाहिए ना ही काले रंग के  ग्रेनाइट पत्थर पर चूल्हा रखना चाहिए यदि रखना ही चाहते हैं ब्लैक ग्रेनाइट  पर, तो उसके कुछ प्रोसेस होते हैं उसके बाद उस पर रख सकते हैं।

What you must do-इन पर ध्यान दें

1 किचन के प्लेटफार्म को पूरब और दक्षिण पूरब में बनाएं।
संभव हो तो साउथ ईस्ट में गैस के चूल्हे को रखें
सिंक  को नॉर्थ ईस्ट में फिट कराएं पीने का पानी भी इसी दिशा में रखें।
4 जितने भी राशन है सभी को साउथ वेस्ट में रखें या नॉर्थ वेस्ट में रखें।
एक छोटा exhaust लगाएं और एक खिड़की अवश्य रखें।
6 फ्रिज को साउथ ईस्ट डायरेक्शन में रखें और किचन में हल्के कलर का प्रयोग करें। 
इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने घर में बड़ी-बड़ी खुशियों को प्राप्त कर सकते हैं।
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Kitchen vastu 

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Astro Vastu Sarvesh (AVS) का उद्देश्य लगो की जनम कुंडली से निकलने वाली ऊर्जा और उस व्यक्ति के मकान से निकलने वाली ऊर्जा के बीच तालमेल बैठाना ही है, ताकि वो व्यक्ति मकान के बजाय "सुख और समृद्ध घर" मे रहे। इंसान के सोच से कर्म का निर्माण होता है, और कर्म से ही भाग्य का निर्माण होता है, AVS आपके कर्म को जागृत करते है और आप अपने भाग्य को।

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1 comments:

  1. एक मनुष्य के जीवन में भोजन सबसे मुख्य होता है और भोजन किचन में बनता है यदि किचन की दिशा-दशा सही ना हो, तो किचन में बनने वाले भोजन में भी कमी हो जाती है, जो इनके महत्व को जानते हैं वह हमेशा आगे बढ़ते हैं बाकी लोग उनके पीछे होते हैं।

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